मेरे दिलकी बात
मेरे
दिलकी बात
मेरे
दिलकी बात
मेरे दिलमें ही रहा
कोशिश
करते हुए भी
कभी
क्या बयां किया !!
बना
कैसी ये हालात
समझने
नहीं सकत
कोशिश
करते हुए भी
चलबसी
सारी बखत II
मायूसी
मन ये मेरा
बनगई
दुःख तेरा
तुम
तो तुम ही रहे
बनगए
यूँ किनारा II
जिबनकी
जोत जले
तमसकी
आहट मेले
दिलकी
बात दिलको ही
समझने
मौक़ा मिले II
वक्तकी
कौशटी पे यूँ
हर
कुछ बदलता ही जाए
आशा
अब भी है मुझे
एहेसास
होगी तुझे II

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